Category Archives: जीवन

धूप

धूप में खड़ा-खड़ानाप रहा हूँ अपनी ही लम्बी होती परछाई को,कभी छोटी तो कभी बड़ी होती हैकभी यहीं तो कभी दूर खड़ी होती है।मैं बोलता हूँ वो बोलती नहींलेकिन वो सजीव हैमैं हिलाता हूँ तो हिलती हैमैं चुप तो वो … Continue reading

Posted in जीवन | Tagged , , , , , , , | Leave a comment

The Kashmir Files

“The Kashmir Files” एक ऐसी फ़िल्म है जो आज़ाद भारत में हुई सबसे बड़ी त्रासदी, अत्याचार और नरसंहार को दर्शाती है। यह 1990 के आसपास कश्मीर में हुए कश्मीरी पंडितों पर मुस्लिम कम्यूनिटी के द्वारा किए गए आतंकवाद को दिखाती … Continue reading

Posted in जीवन, मेरा भारत | Tagged , , , | Leave a comment

आने को तैयार जनवरी

देख दिसम्बर बूढ़ा होकर गिनता अपनी रातें हैआने को तैयार जनवरी चार दिनों की बातें हैकैलेंडर ने चुप्पी साधी अंतिम साल महीने मेंनयी रोशिनी लेकर बैठी जनवरी अपने सीने में उस कोने में साल है बैठा ताके अपनी राहें हैदेख … Continue reading

Posted in जीवन | Tagged , , , | Leave a comment

बुझे हुए दीपों से पूछो

बुझे हुए दीपों से पूछो कितने रोशनदान बनाए अंधेरे को दूर भगा कर घर में कितने राम सजाए लौ ने कैसे ठुमक-ठुमक कर देखा ख़ुद को जला रही थी आधी बाती बची हुई तिरछी होकर बता रही थी एक बूँद … Continue reading

Posted in जीवन | Tagged | 2 Comments

रावण दहन

आज फिर से रावण जला दिया स्वयं को दोबारा नया बना लिया। अगले बरस तक कुछ और जोड़ लेंगे पुराने बगीचे से कुछ नवीन तोड़ लेंगे स्वयं को तराशना कठिन ही होगा आसान बनाने को दशानन बटोर लेंगे। कम से … Continue reading

Posted in जीवन | Tagged , , , , , , | Leave a comment

हिंदी दिवस

हिंदी को अपनाइए, ना समझें इसको बोझऐसा एक निवेदन है, आग्रह और अनुरोध

Posted in जीवन | Tagged , , , , | 1 Comment

पेड़-पौधे

गमले या फिर ज़मीं कहीं पौधों की है जगह वहींकबतक देर लगाओगे और सोचना सही नहीं

Posted in जीवन | Tagged , | Leave a comment

सतरंगी सपनें

सतरंगी सपनों को जैसे पलकों तले बिछाया है और तुम्हारी मुस्कानों ने मुझको नया बनाया है    

Posted in जीवन | 5 Comments

जनतंत्र #TV live

Posted in जीवन | 3 Comments